रविवार, 18 अक्तूबर 2020

भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी की सेलेरी कितनी थी

क्या आप जानते हैं भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी की सेलेरी कितनी थी? जी हाँ आज हम इस आर्टिकल मे जानेंगे आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की सेलेरी या तंख्वाह के बारे मे यदि आपके मन मे भी इस प्रकार की जानकारी प्राप्त करने की इच्छा है तो आप इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें क्योंकि यह जानना दिलचस्प होगा की उस समय प्रधानमंत्री को सेलेरी के साथ और क्या क्या सुविधाएं दी गई थी तो चलिये इसके बारे मे डीटेल मे समझते हैं। 

15 अगस्त 1997 को हमारा भारत देश आजाद हुआ था इससे पहले हमारे देश मे विदेशी हुकूमत राज किया करती थी लेकिन हमारे देश वीर योद्धाओं और क्रांतिकारियों ने अपने जीवन का बलिदान देकर हमे आजादी दिलवाई और हमारा देश आज़ाद हुआ और देश के पहले प्रधानमंत्री बने पंडित जवाहरलाल नेहरू। आइये जानते हैं देश के पहले प्रधानमंत्री की सेलेरी के बारे मे।

भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी की सेलेरी कितनी थी


भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी की सेलेरी कितनी थी?


आपको जानकर हैरानी होगी की उस समय नया नया देश आज़ाद हुआ था तो सिस्टम भी नए रूप मे नए तरीके से गठित किया था जिसमे नेहरू जी ने खुद अपनी सेलेरी तय की थी और यह सेलेरी उस समय के मंत्रियों को मिलने वाली तंख्वाह के बराबर ही थी और इस बात को लेकर समिति के कई लोगो ने  कहा भी की प्रधानमंत्री की सेलेरी ब्रिटेन के अनुसार मंत्रियों से ज्यादा होना चाहिए और वरिष्ठ सदस्य एन गोपालस्वमी ने नेहरू जी सेलेरी दुगनी करने की मांग की लेकिन नेहरू जी ने ज्यादा सेलेरी लेने से इंकार कर दिया। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें भारत के पहले प्रधानमंत्री की सेलेरी उस समय 3000 रुपए थी जो की अन्य मंत्रियों को भी मिलती थी इसके बाद भी नेहरू जी ने मंत्रियों समेत दो बार अपनी सेलेरी मे कटौती भी की। पहली बार कटौती करने पर मिलने वाली सेलेरी 2225 रुपए कर दी गयी और इसके बाद एक बार और कटौती की गयी जिसके बाद प्रधानमंत्री समेत मंत्रियों को 2000 रुपए महिना मिलने लगा।

उस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को टैक्स फ्री एंटरटेनमेंट अलाउंस मिलता था तो सभी ने यह भत्ते के रूप मे 500 रुपए नेहरू जी को देने के लिए कहा लेकिन नेहरू जी ने इसे भी नकार दिया। 

पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के बारे मे 


पंडित जी का जन्म 14 नवंबर 1888 को इलाहाबाद मे हुआ था इनके पिताजी का नाम मोतीलाल नेहरू जो की बेरिस्टर थे इनकी माता का नाम स्वरूपरानी था। नेहरू जी अपने पिता के एक लौते पुत्र थे और इनकी तीन बहने थी। यदि नेहरू जी की की शिक्षा की बात की जाये तो इन्हे दुनिया के कई बड़े स्कूल व कालेज मे पढ़ने का मौका मिला। नेहरू जी का बच्चों के प्रति बहुत लगाव था वे बच्चों मे देश का उज्ज्वल भविष्य देखते थे। इसलिए इन्होने अपने जन्मदिन को बच्चों को समर्पित करते हुये बाल दिवस का नाम दिया और साल 14 नवंबर को नेहरू जी का जन्म दिवस बालदिवस के रूप मे मनाया जाता है। 

नेहरू जी ने देश की आजादी के लिए महात्मा गांधी और अन्य राजनेताओं के साथ कई लड़ाइयाँ लड़ी और कई आंदोलन किए जिसके कारण इन्हे कई बार जेल भी जाना पड़ा। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नेहरू जी अपने चार कमरो के घर मे ही रहना पसंद करते थे और उन्होने प्रधानमंत्री आवास के रूप मे मिले घर मे रहने से इंकार कर दिया। लेकिन इससे उनकी सुरक्षा मे कई प्राकर की परेशानी आने लगी जिससे सरदार बल्लभभाई पटेल के कहने पर वे प्रधानमंत्री आवास मे रहने को तैयार हुये। नेहरू जी का निधन 27 मई 1964 को हुआ था और तब तक वे प्रधानमंत्री पद पर थे। 

इस प्रकार से आप अब समझ ही गए होंगे की भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी की सेलेरी कितनी थी? इसके अलावा हमने पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे मे एक शॉर्ट जानकारी भी प्राप्त की दोस्तों पहले से लेकर अब तक काफी कुछ बदल चुका है और काफी ज्यादा technology मे भी बदलाव आ चुका है और काफी ज्यादा महंगाई भी बढ़ चुकी है पहले प्रधानमंत्री और अब के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2020 की सेलेरी मे भी बहुत ज्यादा अंतर है क्या आप जानते हैं नरेंद्र मोदी की कितनी सेलेरी है अगर नहीं तो नीचे दिये गए आर्टिकल को जरूर पढ़ें।

यह भी पढ़ें

0 टिप्पणियाँ: