Monday, August 26, 2019

Bounce Rate क्या है? इसे कैसे चेक करें? और इसे कम करने के उपाय

क्या आप जानते है?  BOUNCE RATE क्या है? {What is Bounce Rate in blogging field} दोस्तों यदि आप एक ब्लॉगर है।  और आप अपने ब्लॉग पर रोजाना आर्टिकल पब्लिश करते है। और अपने ब्लॉग पर विभिन्न प्रकार से मेहनत करके उसे GOOGLE में टॉप पोजीशन पर रैंक करने की कोशिश करते है।

यदि आपका बहुत अच्छी रैंकिंग पर पहले से ही मौजूद है। तो ऐसे में आपने कही बाउंस रेट के बारे में जरूर सुना होगा। और यदि आपने नहीं सुना है, तो आज हम ब्लॉग्गिंग के फील्ड में होने वाली बाउंस रेट से सम्बंधित सभी जानकारी को इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से समझेंगे।


Bounce Rate क्या है इसे कैसे चेक करें


आज हम इस आर्टिकल में समझेंगे की Bounce Rate क्या है? इसे कैसे चेक करें? और इसे कम करने के उपाय। ये सभी जानकारी को अच्छी तरह से समझने के लिए आप इसे पूरा ध्यान से पढ़ें। 

दोस्तों यदि आप BLOGGING की फील्ड में है तो आपने GOOGLE ANALYTICS के बारे में जरूर सुना होगा। और आप अक्सर अपनी WEBSITE या BLOG को GOOGLE ANALYTICS में CHECK करते होंगे। और आपने देखा होगा कि वहां पर BOUNCE RATE  का OPTION आता है जहां पर आपको आपके BLOG या WEBSITE का BOUNCEर RATE दिखाई देता है। अब आप सोच रहे होंगे कि BOUNCE RATEतो GOOGLE ANALYTICS मदद से CHECK कर ही लेते हैं। लेकिन BOUNCE RATE का मतलब क्या होता है? BOUNCE RATEको कैसे कम किया जा सकता है?

GOOGLE ANALYTICS के मदद से हम जब BOUNCE RATEको CHECK करते हैं, तो हमें एक चीज का ख्याल रखना है कि हमारे BLOG और WEBSITE का BOUNCE RATE हमेशा कम होना चाहिए। उसे बढ़ना नहीं चाहिए और हमें उस चीज पर काम करना है कि हम कैसे अपनी WEBSITE या BLOG के BOUNCEर को कम कर सकें। उससे पहले हम समझ लेते हैं कि BOUNCE RATEहोता क्या है?

BOUNCE RATEक्या है?


 BOUNCE RATEएक अंग्रेजी वर्ड है जिसका मतलब है "उछलने की दर" लेकिन हम यहां BLOG की बात कर रहे हैं तो इसका तात्पर्य यहां पर हमारे BLOG पर VISITOR करने वाले VISITORर्स से है। 
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जब भी कोई VISITOR हमारे BLOG पर हमारे ARTICLE को पढ़ने के लिए आता है, तो वह कितनी देर हमारे ARTICLE को पड़ता है, और कितनी देर हमारी WEBSITE पर VISITOR करता है, इसी के अकॉर्डिंग प्रतिशत के रूप में एक RATE तय किया जाता है। जो कि GOOGLE ANALYTICS तय करता है। कि हमारी WEBSITE या BLOG पर VISITOR  के JUMP करने की दर क्या है? मतलब VISITOR द्वारा हमारे BLOG को दिए गए समय का औसत RATE क्या है। इसी के आधार पर BOUNCE RATEबढ़ता या घटता है।

यदि READER को आपके BLOG पर लिखा ARTICLE समझ में नहीं आता है, या किसी और कारण से हुआ अच्छा नहीं लगता है, तो जाहिर सी बात है वह उसे जल्द से जल्द स्विच करके अन्य किसी BLOG पर जम्प कर जाएगा। इससे क्या होगा कि आपके BLOG की जो BOUNCE RATEहै वह बढ़ेगी। जो कि किसी भी BLOGर के लिए अच्छी बात नहीं होती है। इसलिए आपको कोशिश यह करना है कि कोई भी ब्लागर यदि आपके BLOG पर VISITOR करता है, तो आपके BLOG में उसे रोकने की CAPACITY होनी चाहिए। और यह DEPEND करता है कई सारी चीजों पर जो हम आगे देखेंगे।

दोस्तों आप BOUNCE RATEका मतलब तो समझ गए होंगे। और यह भी समझ गए होंगे कि हमें अपने BLOG का BOUNCE RATE कम ही रखने की कोशिश करना चाहिए। उसे बढ़ने नहीं देना चाहिए। यदि हमारा पहुंच RATE बढ़ता है तो उसे हमें कम करने की कोशिश करना चाहिए। 

किन कारणों से BOUNCE RATE बढ़ सकता है?


दोस्तों BOUNCE RATE बढ़ने के कुछ कारण हो सकते हैं और BOUNCE RATEतभी बढ़ेगा जब कोई VISITOR आकर आपके BLOG को जल्द से जल्द स्विच करके या उससे JUMP करके चला जाएगा तो किसी भी READER के आपको BLOG के BLOG को छोड़ने के कई कारण हो सकते हैं। आइये कुछ कारणों पर नजर डालते है। 

BLOG की डिजाइन

 दोस्तों BLOG की डिजाइन इतनी ज्यादा मायने तो नहीं रखती है। लेकिन यदि आपके BLOG में यूज़ की गई थीम USER फ्रेंडली नहीं है या आपके द्वारा डिजाइन किया गया BLOG USER को पसंद नहीं आता है, तो कभी कभी कोई USER उस ब्लाक के डिजाइन को देखकर ही JUMP कर जाते हैं। जिससे भी हमारे BLOG का BOUNCE RATEबढ़ता है। इसलिए हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारे BLOG का थीम व डिजाइन USER फ्रेंडली होना चाहिए जोकि USER को अपनी ओर आकर्षित करें ना कि उसे भागने पर मजबूर करें।

CONTENT QUALITY

 दोस्तों BOUNCE  RATE बढ़ने का एक कारण यह भी हो सकता है, कि आपके द्वारा लिखा हुआ ARTICLE या आपने जो भी कंटेंट लिखा है वह एक अच्छी QUALITY में ना हो, आपके द्वारा लिखी पोस्ट, HIGH QUALITY POST हो और USER को समझ में ना रहा हो इसलिए यह भी हो सकता है कि USER जैसे ही आप के कंटेंट को पढ़ना शुरु करता है उसे समझने में कुछ दिक्कत होती हो तो ऐसे में भी वह आपके ARTICLE ब्लाक को JUMP कर सकता है जिससे भी आपके BOUNCE RATEमें बढ़ोतरी होती है इसलिए आप इस चीज का भी ध्यान रखें कि आप हमेशा हाई QUALITY कंटेंट लिखने की कोशिश करें

LANGUAGE PROBLEM

दोस्तों यहां पर जब भी आप किसी ARTICLE को लिखते हैं तो यदि आप उसे हिंदी में लिखें या ENGLISH में लिखें आपकी भाषा बहुत ही सरल होनी चाहिए। जो कि USER फ्रेंडली होना चाहिए। और आसानी से किसी भी READER को समझ में आने वाली होना चाहिए। आप ज्यादा कठिन शब्दों का USE ना करें। जिससे कि USER को पढ़ने में कठिनाई हो और USER उसे समझ ना सके यदि ऐसा होता है, तो USER आपके BLOG को JUMP करके किसी अन्य BLOG की ओर चला जाएगा। जिससे भी आपका BOUNCE RATE बढ़ने लगता है

ADVERTISEMENT PROBLEM

दोस्तों कई बार ऐसा होता है कि बहुत से BLOG में यह देखने को मिलता है कि वहा लोग ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में GOOGLE ADSENSE या किसी अन्य कंपनी के ऐड को बहुत ज्यादा मात्रा में अपने BLOG पर लगा लेते हैं। और जैसे ही कोई READER आपके BLOG पर आता है तो उसे आपका कंटेंट कम दिखाई देता है उसकी अपेक्षा एडवर्टाइजमेंट ज्यादा दिखाई देते हैं। ऐसे में परेशान होकर USER आपके BLOG को JUMP कर सकता है। इसलिए आप ख्याल रखें कि आप एक सही मात्रा में एडवर्टाइजमेंट को लगाएं जिससे कि किसी भी USER को परेशानी ना हो।

पूरी जानकारी का  अभाव

अब जब भी किसी ARTICLE को अपने BLOG पर पब्लिश करते हैं, तो आपको यह ख्याल रखना है कि आपके द्वारा लिखा हुआ ARTICLE जिस भी टॉपिक पर हो आप उस टॉपिक की संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश करें। यदि आपका टॉपिक आधा अधूरा होता है तो वह USER फ्रेंडली नहीं होता है। और कभी भी ऐसा ARTICLE USER को पसंद नहीं आता है, तो आप कोशिश या करें कि आपके द्वारा लिखे गए ARTICLE में आप जिस भी टॉपिक की बात कर रहे हो उसे पूरी अच्छी तरीके से समझा सकें। जिससे कि USER का आपके BLOG के ऊपर ट्रस्ट भी बढ़ेगा और वह आपके BLOG पर अन्य जानकारी को भी पढ़ने की कोशिश करेगा। और आपका BOUNCE RATEबहुत कम होने लगेगा।

BOUNCE RATE कैसे CHECK करते हैं?

दोस्तों यदि आप एक BLOGर है, तो अपने GOOGLEANALYTICS पर अपने WEBSITE या BLOG को जरूर ऐड किया होगा। आप जैसे GOOGLE ANALYTICS पर जाते हैं तो आप वहां देख सकते हैं कि एक BOUNCE RATEका ऑप्शन होता है। जहां से आप अपने BLOG WEBSITE के BOUNCE RATE को आसानी से CHECK कर सकते हैं।

Bounce Rate क्या है इसे कैसे चेक करें

इसके अलावा यदि आप तो अपनी WEBSITE या  किसी और की WEBSITE का BOUNCE RATE CHECK करना चाहते हैं, तो इसके लिए GOOGLE पर कई सारे फ्री टूल उपलब्ध जिसकी मदद से आप BOUNCE RATEको आसानी से CHECK कर सकते हैं। इसके लिए आपको GOOGLE के सर्च बार में फ्री BOUNCE CHECKर लिखकर सर्च करना होगा। और आपके सामने कई सारे रिजल्ट जाएंगे जिसमें से आप किसी भी टूल का उपयोग करके बांस RATE को आसानी से CHECK कर सकते हैं।

आप पहले LINK के द्वारा ALEXA की WEBSITE के द्वारा BOUNCE RATE चेक कर सकते है, जो पूरा तो FREE  नहीं है, पर आपको वहा से 14 दिन का free triel मिल जाएगा। 

Bounce Rate क्या है इसे कैसे चेक करें

इसके अलावा आप दूसरे LINK पर क्लिक करके आसानी से किसी भी WEBSITE या BLOG का BOUNCE RATE आसानी से CHECK कर सकते है। 

BOUNCE RATE को कम करने के उपाय


 यदि आपको पता है कि आप की WEBSITE या BLOG का BOUNCE RATE किस कारण से बढ़ता है? तो आप उन कारणों को यदि अप्लाई नहीं करते हैं, तो आपके WEBSITE का BOUNCE RATE ऑटोमेटिक नॉर्मल ही रहेगा। और BOUNCE RATE बढ़ने के कारण हम ऊपर समझ चुके हैं। इसके अतिरिक्त भी यदि आपके WEBSITE का BOUNCE RATE काफी ज्यादा है। और आप उसे कम करना चाहते हैं, तो आप कुछ उपाय कर सकते हैं। इसकी मदद से आप अपने BLOG या WEBSITE के BOUNCE RATEको कम कर सकते हैं।

अभी तक यदि आपके BLOG WEBSITE का BOUNCE RATEबढ़ा हुआ है। तो आप जब भी कोई नया ARTICLE लिखें तो उसमें यह ख्याल रखें कि हम वहां से यह कोशिश करेंगे कि BOUNCE RATE को कम किया जाए। इसके लिए कुछ विशेष बातों का ख्याल आपको रखना होगा।


INTERNAL LINK

 अपने BLOG का BOUNCE RATEकम करने के लिए आप कोशिश करें कि आप अपने CONTENT में QUALITY CONTENT का उपयोग करें। मतलब आपके द्वारा लिखा हुआ CONTENT QUALITY CONTENT हो। और वह USER फ्रेंडली होना चाहिए और पढ़ने वालों को आसानी से समझ में आना चाहिए। यदि आपका ARTICLE QUALITY CONTENT होता है, तो यूज़र उसे पूरा पढ़ेगा। और ज्यादा से ज्यादा समय आपके WEBSITE या BLOG पर बिताएगा। जिससे आपका BOUNCE RATEकम होगा।

सरल भाषा का USE

 आप यदि अपने ARTICLE में सरल भाषा का USE करते हैं, तो यह भाषा USER को आसानी से समझ में जाएगी। क्योंकि USER यहां पर किसी चीज को समझने आता है। इसलिए आप कोशिश करें कि आप एक सरल भाषा का USE करें। और USER को आपके द्वारा लिखे हुए बात आसानी से समझ में आनी चाहिए।

INTERNAL LINK बनाएं

अपने BLOG में जब भी आप किसी ARTICLE को लिखते हैं तो आप इस बात का  ध्यान रखें और उसमें INTERNAL LINK लगाएं। मतलब आप जिस भी टॉपिक पर ARTICLE लिख रहे हैं, उस से RELATED आपने यदि कोई और पोस्ट लिखी है तो आप उसका लिंक उस ARTICLE में लगाकर USER को दूसरे ARTICLE पढ़ने का न्योता भी दे सकते हैं। जिससे होगा यह यदि आपके द्वारा लिखा हुआ ARTICLE का टॉपिक USER को अच्छा लगता है, तो वह उसे भी पढ़ने लगेगा। और वह ज्यादा से ज्यादा समय आपके ARTICLE और आपके BLOG पर व्यतीत करेगा।

सफाई के साथ लिखें

दोस्तों कई बार ऐसा होता है कि कुछ BLOGGERS के BLOG पर जब वह CONTENT लिखते हैं तो उसे देख कर कुछ USER ARTICLE को समझ नहीं पाते हैं। क्योंकि वहां लिखा हुआ CONTENT ज्यादा साफ सुथरा नहीं होता है। इसलिए आप कोशिश करें कि आप के CONTENT को एकदम साफ साफ वह दूर दूर  लिखें। जिससे कि किसी भी USER को पढ़ने में कोई परेशानी ना हो।

दिए गए टॉपिक के अनुसार CONTENT लिखें

 यदि आप अपने ARTICLE का जो भी टॉपिक का नाम रखते हैं आप उसी के अकॉर्डिंग CONTENT को लिखे हैं यदि आप का टॉपिक और कुछ होता है और आप CONTENT में कुछ और लिखते हैं तो इससे भी USER मिसगाइड होता है। और वह आपके ARTICLE को JUMP कर सकता है। इसलिए आप टॉपिक रिलेटेड ही CONTENT लिखें।

COMPRESED PHOTOS का उपयोग करें

यदि आप चाहते हैं कि आप एक अच्छा ARTICLE लिखें जिसे पढ़कर देखकर USER ARTICLE पर लंबे समय तक अपना समय बताएं और उसे आपके ARTICLE को समझने में कोई दिक्कत ना हो, तो ऐसे में आपको अपने ARTICLE में PHOTOS का उपयोग करना चाहिए। आप जिस भी टॉपिक को समझाना चाहते हैं उस से रिलेटेड फोटो का उपयोग कर सकते हैं। जिसके माध्यम से USER बड़ी आसानी से आपके ARTICLE को समझ सकता है। और उपयोग होने वाली फोटो का आप साइज कंप्रेस कर के ही उपयोग करे। इससे आपके BLOG की लोडिंग स्पीड भी कम नहीं होगी। और यदि आप जानना चाहते है की कैसे हम फोटो के साइज को कंप्रेस करे तो आप निचे दिए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते है।

>reduce image file size full detail in hindi

BLOG के लोडिंग स्पीड बढ़ाएं

दोस्तों यह सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यदि आपके BLOG पर कोई VISITOR VISITOR करना चाहता है लेकिन यदि आपके BLOG की लोडिंग स्पीड बहुत कम है। मतलब VISITOR के क्लिक करने पर वह लोड होने में कुछ समय लेता है, तो VISITOR आपके BLOG को स्विच कर सकता है।और अन्य किसी BLOG पर JUMP कर सकता है। इसलिए आप अपने BLOG की स्पीड को मेंटेन करने की कोशिश करें। और कोशिश करें कि आपके BLOG की स्पीड बहुत ही अच्छी हो और दोस्तों यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके BLOG कि स्पीड को कैसे मेंटेन करते हैं? और कैसे CHECK करते हैंतो आप नीचे दिए LINK पर क्लिक करके उसे पढ़ सकते हैं।

>website ya blog ki speed kaise check kare aur kaise badhaaye


Bounce Rate कितना होना चाहिए 


दोस्तों यदि किसी blog या website का bounce rate 10  से 20 के बिच में है तो यह blog और website दुनिया की सफल websites में से एक है। यदि bounce rate 20 से 40 के बिच में है, तो आपकी website बहुत अच्छे zone में है। और यदि आपकी website 40 से 70 के बिच में है, तो आप average zone  में है। इसी के बिच ज्यादा website का bounce rate होता है। लेकिन दोस्तों यदि आपकी website का bounce rate 70 से 80 के बिच है, तो यह अच्छा नहीं है। यहाँ आपको इस पर बहुत काम करने की आवश्यकता है। 


उम्मीद है दोस्तों आप लोग समझ गए होंगे की Bounce Rate क्या है? इसे कैसे चेक करें? और इसे कम करने के उपाय। यदि आप का कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमें निचे कमेंट कर सकते है।

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